मुगलसराय में इंटरनेशनल साइबर ठगी का खुलासा, जापानी नागरिकों को बनाते थे निशाना, 5 गिरफ्तार
चंदौली/पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर। मुगलसराय क्षेत्र में स्वाट, सर्विलांस, साइबर टीम और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कथित अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के नेटवर्क का खुलासा किया गया है।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान साइबर कॉल सेंटर संचालित करने के आरोप में पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस मुख्य सरगना समेत अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, कैलाशपुरी स्थित एक भवन की तीसरी मंजिल पर कथित कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। यहां से विदेशी नागरिकों को तकनीकी सहायता के नाम पर निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है।
प्रारंभिक जांच में आरोप है कि गैंग के सदस्य जापानी भाषा सीखकर VoIP कॉलिंग के जरिए जापान के बुजुर्ग नागरिकों से संपर्क करते थे। इसके बाद टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर उनके सिस्टम का रिमोट एक्सेस लेकर कथित तौर पर साइबर ठगी की जाती थी।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 19 मॉनिटर, 20 CPU, तीन लैपटॉप, छह मोबाइल फोन, राउटर और पांच कूटरचित आधार कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस ने एक आरोपी के दो बैंक खातों में मौजूद करीब 9 लाख रुपये की रकम फ्रीज कराए जाने की भी जानकारी दी है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के सीओ अरुण कुमार सिंह के मुताबिक, मामले की गहनता से जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ उनके सिस्टम, दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित नेटवर्क ने अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया और इसकी गतिविधियां किन-किन स्थानों तक फैली हुई हैं।
पुलिस ने तीन अन्य लोगों को भी मामले में नामजद किया है, जबकि मुख्य सरगना की तलाश जारी है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच के बाद पूरे नेटवर्क और साइबर ठगी के तरीके से जुड़ी और जानकारी सामने आने की उम्मीद है। पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जांच के तथ्यों के आधार पर की जाएगी।