BHU के नेशनल सेंटर ऑफ एजिंग का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया जायजा, वृद्ध स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया आयाम
वाराणसी, 13 जून 2026। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में निर्माणाधीन नेशनल सेंटर ऑफ एजिंग (NCA) के आगामी उद्घाटन से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को केंद्र का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष जताते हुए शेष कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के आगमन पर बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी तथा आईएमएस-बीएचयू के निदेशक ने उनका स्वागत किया। निरीक्षण के दौरान नेशनल सेंटर ऑफ एजिंग के नोडल अधिकारी प्रो. अनुप सिंह ने मुख्यमंत्री को परियोजना की वर्तमान स्थिति और विभिन्न तल पर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।
52 बेड के साथ शुरू होगा प्रारंभिक संचालन
प्रो. अनुप सिंह ने बताया कि केंद्र का प्रारंभिक संचालन भूतल और प्रथम तल पर कुल 52 बिस्तरों के साथ शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पूरे भवन का निरीक्षण कर चिकित्सा सुविधाओं, उपकरणों और मानव संसाधनों की उपलब्धता के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर हाइट्स (HITES) के मुख्य अभियंता के.सी. वर्मा ने बताया कि निर्माण और फिनिशिंग का कार्य तेजी से चल रहा है तथा केंद्र को 30 जून 2026 तक पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा।
वृद्धजनों के लिए समर्पित होगा अत्याधुनिक स्वास्थ्य केंद्र
नेशनल सेंटर ऑफ एजिंग का विकास भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय वरिष्ठ जन स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम (NPHCE) के अंतर्गत किया जा रहा है। यह केंद्र विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
केंद्र में जेरियाट्रिक मेडिसिन, एनेस्थीसिया, रेडियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, सर्जरी और अन्य चिकित्सा विभागों की सेवाएं उपलब्ध होंगी। यहां वृद्धजनों को एक ही परिसर में समग्र और समन्वित चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा केंद्र
नेशनल सेंटर ऑफ एजिंग में निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी...
- 120 सामान्य वार्ड बेड
- 38 क्रिटिकल केयर बेड
- डायलिसिस यूनिट
- डे-केयर यूनिट
- प्री एवं पोस्ट-ऑपरेटिव वार्ड
- फिजियोथेरेपी सेंटर
- स्लीप लैब
- निजी कक्ष
- रेडियो-डायग्नोस्टिक सुविधाएं
- मल्टीस्पेशियलिटी ओपीडी सेवाएं
इन सुविधाओं के माध्यम से वृद्ध रोगियों को बेहतर उपचार, पुनर्वास और दीर्घकालिक देखभाल उपलब्ध कराई जाएगी।
अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी जेरियाट्रिक विभाग खोलने का सुझाव
निरीक्षण के दौरान प्रो. अनुप सिंह ने मुख्यमंत्री से उत्तर प्रदेश के अन्य सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में भी जेरियाट्रिक मेडिसिन विभाग स्थापित करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने इस सुझाव का स्वागत करते हुए कहा कि बढ़ती वृद्ध आबादी को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
स्वास्थ्य सेवाओं और अनुसंधान का बनेगा राष्ट्रीय केंद्र
विशेषज्ञों के अनुसार, बीएचयू का नेशनल सेंटर ऑफ एजिंग केवल उपचार केंद्र ही नहीं होगा, बल्कि यह शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भविष्य में यह संस्थान देश में वृद्धजन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उत्कृष्टता के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित हो सकता है।
राज्य सरकार और बीएचयू के संयुक्त प्रयासों से तैयार हो रहा यह केंद्र पूर्वांचल सहित पूरे उत्तर भारत के वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर और विशेषीकृत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।