काशी रोपवे में कैंट से गोदौलिया तक 15 मिनट में सफर, नमो घाट समेत प्रमुख स्थानों पर लगेंगी टिकट मशीनें

अंतिम चरण में पहुंची परियोजना, नोडल अधिकारी ने डीएम के साथ गंडोला में सवार होकर किया निरीक्षण
 
कैंट से गोदौलिया 15 मिनट में, काशी रोपवे की तैयारियां तेज

वाराणसी। काशी की बहुप्रतीक्षित रोपवे परियोजना को जल्द जनता के लिए शुरू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। सोमवार को नियोजन सचिव एवं जिले के नोडल अधिकारी डॉ. राजशेखर ने जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के साथ रोपवे परियोजना का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कैंट से गंडोला में सवार होकर गोदौलिया तक यात्रा की और विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। परियोजना शुरू होने के बाद कैंट से गोदौलिया तक करीब 3.75 से 3.85 किलोमीटर का सफर लगभग 15 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।

निरीक्षण के दौरान टिकटिंग व्यवस्था का भी परीक्षण किया गया। टीम ने टिकट वेंडिंग मशीन (टीवीएम) से टिकट लेकर कैंट से रथयात्रा तक गंडोला में यात्रा की। इसके बाद रथयात्रा से गोदौलिया तक सड़क मार्ग से पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं को देखा गया। यात्रियों की सुविधा के लिए नमो घाट सहित प्रमुख भीड़भाड़ वाले स्थानों और सरकारी कार्यालयों में भी टिकट वेंडिंग मशीनें लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

पांच स्टेशनों से जुड़ेगा रोपवे

करीब 3.85 किलोमीटर लंबे रोपवे कॉरिडोर में कैंट रेलवे स्टेशन, काशी विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरजाघर और गोदौलिया में पांच स्टेशन बनाए जा रहे हैं। परियोजना में कुल 29 टावर प्रस्तावित हैं और निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।

टिकटिंग व्यवस्था को नॉर्दर्न रेलवे से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। अधिकारियों ने प्रतिदिन 50 हजार से अधिक टिकटिंग क्षमता को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में टीवीएम लगाने पर जोर दिया है, जिससे यात्रियों को टिकट लेने में आसानी हो सके।

सुरक्षा और गुणवत्ता पर जोर

नोडल अधिकारी ने रोपवे के शेष कार्यों को तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी पर जोर दिया गया। परियोजना के पूरा होने के बाद कैंट, काशी विद्यापीठ, रथयात्रा और गोदौलिया जैसे शहर के प्रमुख क्षेत्रों के बीच तेज सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है।