ऑल आउट ने वाराणसी में ‘साथ लड़ेंगे डेंगू से’ पहल की पहली वर्षगांठ मनाई

ऑल आउट और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा संचालित ‘साथ लड़ेंगे डेंगू से’ पहल की पहली वर्षगांठ वाराणसी में मनाई गई। इम्पैक्ट रिपोर्ट में डेंगू जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी और पंडितपुर गांव में हुए सकारात्मक बदलावों को रेखांकित किया गया।
 
ऑल आउट ने वाराणसी में ‘साथ लड़ेंगे डेंगू से’ पहल की पहली वर्षगांठ मनाई
 

वाराणसी। ऑल आउट बनाने वाली कंपनी ब्रिलॉन कंज्यूमर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने वाराणसी में अपनी सामुदायिक स्वास्थ्य पहल ‘साथ लड़ेंगे डेंगू से’ की पहली वर्षगांठ मनाई। वर्ष 2025 में विश्व डेंगू दिवस के अवसर पर शुरू की गई इस पहल को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के सहयोग से लागू किया गया था। इस अवसर पर कंपनी ने एक वर्ष की उपलब्धियों को दर्शाती ‘साथ लड़ेंगे डेंगू से इम्पैक्ट रिपोर्ट’ जारी की।

 इस अवसर पर कंपनी ने एक वर्ष की उपलब्धियों को दर्शाती ‘साथ लड़ेंगे डेंगू से इम्पैक्ट रिपोर्ट’ जारी की।

रिपोर्ट में डेंगू के प्रति जागरूकता बढ़ाने, व्यवहार परिवर्तन, घरों में बचाव के उपाय अपनाने, स्वच्छता अभियान, कचरा प्रबंधन और सामुदायिक सहभागिता जैसे प्रयासों को रेखांकित किया गया है। इन पहलों ने पंडितपुर गांव को डेंगू रोकथाम के क्षेत्र में एक मॉडल समुदाय के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रिलॉन कंज्यूमर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के एमडी एवं सीईओ रतनजीत दास ने कहा कि यह पहल इस विश्वास को दर्शाती है कि डेंगू से बचाव की शुरुआत जागरूकता और दैनिक व्यवहार में बदलाव से होती है। उन्होंने कहा कि पंडितपुर ने यह साबित किया है कि परिवार, बच्चे, महिलाएं, फ्रंटलाइन वर्कर और स्थानीय प्रतिनिधि मिलकर डेंगू रोकथाम को जीवनशैली का हिस्सा बना सकते हैं।

वाराणसी। ऑल आउट बनाने वाली कंपनी ब्रिलॉन कंज्यूमर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने वाराणसी में अपनी सामुदायिक स्वास्थ्य पहल ‘साथ लड़ेंगे डेंगू से’ की पहली वर्षगांठ मनाई। वर्ष 2025 में विश्व डेंगू दिवस के अवसर पर शुरू की गई इस पहल को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के सहयोग से लागू किया गया था। इस अवसर पर कंपनी ने एक वर्ष की उपलब्धियों को दर्शाती ‘साथ लड़ेंगे डेंगू से इम्पैक्ट रिपोर्ट’ जारी की।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अनिलकुमार जे. नायक ने कहा कि डेंगू नियंत्रण के लिए केवल उपचार नहीं, बल्कि नियमित रोकथाम और जागरूकता भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह पहल सार्वजनिक स्वास्थ्य संदेशों को सामुदायिक कार्रवाई में बदलने का सफल उदाहरण है।

वाराणसी के जिला मलेरिया अधिकारी एस.सी. पांडे ने पंडितपुर की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान ‘जन भागीदारी’ की शक्ति को दर्शाता है, जहां स्थानीय नागरिकों, स्वास्थ्यकर्मियों और विभिन्न भागीदारों ने मिलकर डेंगू रोकथाम को सफल बनाया है।

इम्पैक्ट रिपोर्ट के अनुसार, पंडितपुर में डेंगू और मलेरिया के प्रति जागरूकता 97 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि 90.1 प्रतिशत परिवार नियमित रूप से जमा पानी बदलने की आदत अपना रहे हैं। लोगों में डेंगू के लक्षणों की पहचान और बचाव संबंधी उपायों को लेकर भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार 82 प्रतिशत निवासियों ने कार्यक्रम से संतुष्टि जताई, 98.6 प्रतिशत ने अभियान के प्रति गर्व और अपनापन महसूस किया तथा 99 प्रतिशत लोगों ने इसके निरंतर संचालन की इच्छा व्यक्त की।

कार्यक्रम में बच्चों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली। ‘दबंग डेंगू जासूस’ के रूप में बच्चों ने ‘डेंगू सुरक्षित घर रिपोर्ट कार्ड’ के माध्यम से घरों का निरीक्षण किया और डेंगू रोकथाम का संदेश फैलाया।

ऑल आउट ने वाराणसी में ‘साथ लड़ेंगे डेंगू से’ पहल की पहली वर्षगांठ मनाई

इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों और मीडिया प्रतिनिधियों ने आदर्श किचन गार्डन, माता मंदिर परिसर और भरण बस्ती तालाब जैसे विकसित किए गए स्थलों का दौरा किया। इन स्थानों को पहले संभावित जोखिम क्षेत्रों से स्वच्छ एवं उपयोगी सामुदायिक स्थलों में परिवर्तित किया गया है।

कंपनी ने कहा कि ‘साथ लड़ेंगे डेंगू से’ अभियान के अगले चरण में भी ऑल आउट चिकित्सा, नागरिक और सामुदायिक भागीदारों के साथ मिलकर डेंगू रोकथाम के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।

कंपनी ने कहा कि ‘साथ लड़ेंगे डेंगू से’ अभियान के अगले चरण में भी ऑल आउट चिकित्सा, नागरिक और सामुदायिक भागीदारों के साथ मिलकर डेंगू रोकथाम के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।