CBSE 10वीं रिजल्ट 2026: PW छात्रों का दमदार प्रदर्शन, वाराणसी में टैलेंट का हुआ सम्मान

CBSE 10वीं रिजल्ट 2026 में Physics Wallah के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया। कई छात्रों ने 100% अंक हासिल किए, जबकि वाराणसी में मेधावी छात्रों का सम्मान समारोह आयोजित हुआ।
 
CBSE 10वीं रिजल्ट 2026: PW छात्रों का दमदार प्रदर्शन, वाराणसी में टैलेंट का हुआ सम्मान

CBSE 10वीं 2026 में शानदार रिजल्ट। 

Physics Wallah छात्रों ने किया बेहतरीन प्रदर्शन। 

कई छात्रों ने हासिल किए 100% अंक। 

 वाराणसी, 16 अप्रैल 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा घोषित कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणामों में इस वर्ष उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिला। देशभर में छात्रों ने बेहतर अंक हासिल किए, जिसमें Physics Wallah (PW) के छात्रों ने खास पहचान बनाई।

PW के कई छात्रों ने इस बार 100 प्रतिशत अंक हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। टॉपर्स की सूची में पंजाब के वैभव अरोड़ा, गुजरात के अमोलिक पंडिता और ओडिशा के आयुष्मान मोहापात्रा का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है। इन छात्रों की उपलब्धि ने शिक्षा जगत में PW की बढ़ती साख को और मजबूत किया है।

वाराणसी में मेधावी छात्रों का सम्मान

PW के ऑफलाइन लर्निंग सेंटर ‘PW विद्यापीठ’ द्वारा वाराणसी में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान शहर के उन छात्रों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने बोर्ड परीक्षा में शानदार अंक प्राप्त किए।

सम्मानित छात्रों में शाल्वी दुबे (98.60%), आर्यन अनिल (98.20%) और अक्षय प्रताप सिंह (97.60%) प्रमुख रहे। कार्यक्रम में छात्रों के साथ उनके अभिभावकों की भी उपस्थिति रही, जिससे माहौल और भी उत्साहपूर्ण बन गया।

सफलता के पीछे कड़ी मेहनत और सही रणनीति

टॉपर्स ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित अध्ययन, समय-समय पर रिवीजन और मॉक टेस्ट को दिया। उनका मानना है कि अनुशासन और सही गाइडेंस के बिना इस स्तर की सफलता पाना संभव नहीं है।

अलख पांडे ने दी शुभकामनाएं

PW के संस्थापक Alakh Pandey ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम उनके समर्पण और निरंतर प्रयास का नतीजा है। उन्होंने कहा कि PW भविष्य में भी छात्रों को बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

बदलती शिक्षा व्यवस्था की झलक

इस वर्ष 25 लाख से अधिक छात्रों ने CBSE 10वीं की परीक्षा दी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार के परिणाम यह संकेत देते हैं कि ऑनलाइन और हाइब्रिड लर्निंग का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है और यह मॉडल छात्रों के लिए काफी कारगर साबित हो रहा है।