डाबर की नई पहल ‘मस्ती की पाठशाला’: बच्चों को खेल-कूद से जोड़ने की मुहिम तेज

 
डाबर की नई पहल ‘मस्ती की पाठशाला’: बच्चों को खेल-कूद से जोड़ने की मुहिम तेज

वाराणसी। देश की जानी-मानी आयुर्वेदिक कंपनी Dabur India Limited ने अपने लोकप्रिय ब्रांड Hajmola के तहत एक नई पहल ‘मस्ती की पाठशाला’ शुरू की है। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को डिजिटल दुनिया से बाहर निकालकर खेल-कूद और शारीरिक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना है।

वाराणसी के विकास इंटर कॉलेज, परमानंदपुर में आयोजित कार्यक्रम में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान विभिन्न प्रकार के फन गेम्स और इंटरैक्टिव एक्टिविटीज कराई गईं, जिससे बच्चों ने न सिर्फ मनोरंजन किया बल्कि फिटनेस के महत्व को भी समझा।

डाबर की नई पहल ‘मस्ती की पाठशाला’: बच्चों को खेल-कूद से जोड़ने की मुहिम तेज

यह अभियान उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कई शहरों में बड़े स्तर पर चलाया जाएगा। डाबर की योजना करीब 550 स्कूलों में इस कार्यक्रम को आयोजित करने की है, जिससे लगभग 2.5 लाख छात्रों को लाभ मिलेगा। कार्यक्रम के तहत फिटनेस एक्सपर्ट्स द्वारा सेशन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों और शिक्षकों को भी जागरूक किया जाएगा।

डाबर इंडिया लिमिटेड के डायरेक्टर मार्केटिंग, Shri Ram Padmanabhan ने कहा कि “आज के समय में बच्चों की दिनचर्या में शारीरिक गतिविधियां कम हो गई हैं। ‘मस्ती की पाठशाला’ के जरिए हम उन्हें खेल के महत्व से जोड़ना चाहते हैं, ताकि वे स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली अपना सकें।”

डाबर की नई पहल ‘मस्ती की पाठशाला’: बच्चों को खेल-कूद से जोड़ने की मुहिम तेज

वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञ Dr Uma Singh ने बताया कि नियमित खेल-कूद बच्चों के मानसिक विकास में भी अहम भूमिका निभाता है। इससे उनकी एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ती है, जिससे वे पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं।

डाबर के हेड कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस एवं CSR, Vyas Anand ने कहा कि यह पहल केवल प्रचार नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। कंपनी का लक्ष्य बच्चों में स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देना और फिटनेस को उनके दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है।

‘मस्ती की पाठशाला’ के जरिए डाबर एक ऐसी सोच विकसित करना चाहता है, जहां बच्चों के लिए खेल-कूद केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन का आधार बने। यह अभियान आने वाले समय में बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।